Happy Ganesh Chaturthi 2022 – आज यानि दिनांक 31/08/2022 को बुधवार गणेशजी का वार पुरे भारत में कोविद-19 के बाद बड़ी -धूमधाम से हर घर में विराजमान गजानन गणेशजी का पूजन किया जायेगा सभी लोगो में ख़ुशी का माहौल नजर आ रहा है दो साल के बाद गणेश उत्सव मनाया जा रहा है गजानन का जन्मोत्सव हर साल भाद्रपद शुक्ल पक्ष यानि चतुर्थ तिथि को मनाया जायेगा लोग अपने घरों में मिट्टी का गणेशजी बनाकर इसकी पूजा करते है व् गोपाला को लड्डूओं का भोग लगाते है इस साल गणपति गजानन की मूर्ति स्थापना करके शुभ मुहूर्त में सुबह 11 बजकर 05 से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक आप पूजा-अर्चना कर सकते है |

आज चारो और ख़ुशी ही नजर आ रही है क्यूंकि आज जो गणेश उत्सव है सभी लोगअपने -अपने घरो की साफ-सफाई करके गणेश चतुर्थी मनाने की तैयारी कर रहे है घर में कभी भी कोई शुभ कार्य करते है तो सबसे पहले गणेश पूजा की जाती है इसके बाद ही अन्य काम-काज किये जाते है इस साल गणेश चतुर्थी यानि गौरी पुत्र गजानन का पर्व बड़ी-धूमधाम से मनाया जाएगा जो व्यक्ति सच्चे मन से गणेशजी पूजा करते है उसके घर में रिधि-सिधी प्राप्त होती है उसका हर कार्य सफल होता है |

Happy Ganesh Chaturthi 2022

गणेशजी की प्रतिमा का शुभ मुहूर्त 2022 (31 अगस्त 2022 बुधवार)

  1. गणेश जी स्थापना मुहूर्त – 11.05 AM -1.38 PM
  2. विजय मुहूर्त – दोपहर 2.34 – 3.25
  3. अमृत काल मुहूर्त – शाम 5.42 – 7.20
  4. गोधूलि मुहूर्त – शाम 6.36 – 7.00

गणपति बप्पा की पूजा से बुद्धि,ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है पुराणिक धार्मिक मान्यता है की गणेश उत्सव में बप्पा की सच्चे मन से आराधना करता है गणेशजी उसका बेड़ा पार कर देते है उसके ऊपर आये सभी सारे सकंट खत्म हो जाते हैं हरसाल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश पूजा की जाती है हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार,इस दिन गणेश जी का प्राकट्य (जन्म) हुआ था गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक भगवान गणेश 10 दिनों तक अपने भक्तों के बीच रहते हैं गणेशजी के भक्त उसी हर दिन घर में उनकी पूजा करते है |

गणेश चतुर्थी पूजन सामग्री व् स्थापना 2022

यदि आप अपने घर में गणेश पूजा करते है तो सबसे पहले आप स्नान करे व् नए कपडे पहनकर पूजा स्थल पर शुद्ध जल का छिडकाव करके साफ-सफाई करे व् अपने घर में बनाये गए मिट्टी के गणेशजी को विराजमान करे गणेश जी की पूजा करते समय एक कलश लेकर व् पूजा थाली में गंगाजल, धूप, दीप, कपूर, चौकी, लाल व् सफ़ेद रंग का कपड़ा, दूर्वा (दूब), जनेऊ, रोली, मोदक, फल, सुपारी, लड्डू, मौली, पंचामृत, लाल चंदन, पंचमेवा व् अन्य आदि सामग्री आप काम में ले सकते है |

गणेशजी की प्रतिमा लोगअपने घर के मुख्य दरवाजे पर विराजमान करते है क्यूंकि इसे बहुत शुभ माना जाता है घर में विवाह व् अन्य शुभ कार्य आरम्भ करने से पहले गणपति की पूजा की जाती है इसके बाद अन्य कार्य शुरू किये जाते है इसलिय सभी देवी-देवताओं में गणेशजी का स्थान सबसे ऊपर है गणेशजी के दो पत्नीं थी रिधि व् सिधी आप अपने घर में गणेशजी की मूर्ति स्थापना करके मोदक का भोग लगायें व् गणेशजी से अपने व्यापर में समर्धि के लिय वरदान मांगिये आप की सभी मनोकामना पूर्ण होगी जय गणपति बाप्पामोरया |

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